Monday, November 12, 2018

सांप ने काटा, फिर ख़ुद लिखी अपनी मौत की कहानी

इतिहास में ऐसे एक नहीं, कई उदाहरण हैं. इन्ही में से एक कहानी है कार्ल पैटरसन शिमिट की.

साल 1957, सितंबर का महीना. अमरीका के शिकागो प्रांत के लिंकन पार्क चिड़ियाघर में काम करने वाले एक शख़्स के हाथ एक अजीबोग़रीब सांप लगा.

76 सेंटीमीटर लंबे इस सांप की प्रजाति जानने के लिए वो उसे शिकागो के नैचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम ले गया. वहां उसकी मुलाक़ात मशहूर वैज्ञानिक कार्ल पैटरसन शिमिट से हुई.

पब्लिक रेडियो इंटरनेशनल से जुड़ीं एलिज़ाबेथ शॉकमैन कहती हैं कि शिमिट को सरीसृप विज्ञान का एक बड़ा जानकार माना जाता था.

शिमिट ने देखा कि इस सांप के शरीर पर बहुरंगी आकृतियां हैं. वह सांप की प्रजाति का पता लगाने को तैयार हो गए.

इसके बाद 25 सितंबर को उन्होंने अपनी पड़ताल में पाया कि ये अफ़्रीकी देशों में पाया जाने वाला एक सांप था.

कैसा था ये सांप?
इस सांप का सिर बूमस्लैंग सांपों जैसा था जो कि सब-सहारन अफ़्रीका के जंगलों में पाया जाता है.

लेकिन शिमिट अपनी इस पड़ताल को लेकर आश्वस्त नहीं थे.

अपने जर्नल में इस पड़ताल के बारे में लिखते हुए शिमिट बताते हैं कि उन्हें इस सांप के बूमस्लैंग होने पर शक है क्योंकि इस सांप की एनल प्लेट बंटी हुई नहीं थी.

लेकिन इस शक को दूर करने के लिए शिमिट ने जो किया, उसकी वजह से उन्हें जान से हाथ धोना पड़ा.

जब सांप ने शिमिट को काटा
शिमिट सांप को अपने काफ़ी क़रीब लाकर उसके शरीर पर बनी आकृतियों का अध्ययन करने लगे.

वह अचंभे के साथ सांप के शरीर और सिर पर बनी आकृतियां और रंग देख रहे थे तभी इस सांप ने उनके अंगूठे पर काट लिया.

लेकिन शिमिट ने डॉक्टर के पास जाने के बजाय अपने अंगूठे को चूसकर सांप का ज़हर बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी.

यही नहीं, उन्होंने अपने जर्नल में सांप के कांटने के बाद हो रहे अनुभवों को दर्ज करना शुरू कर दिया.

अपने जर्नल में शिमिट लिखते हैं:

"4:30 - 5:30: जी मिचलाने जैसा अनुभव लेकिन उल्टी नहीं आई", मैंने होमवुड तक एक ट्रेन में यात्रा की."
"5:30 - 6:30: काफ़ी ठंड और झटके लगने जैसी अनुभूति जिसके बाद 101.7 डिग्री का बुखार आया. शाम 5:30 बजे ही मसूड़ों में खून आना शुरू हो गया."
"8:30 बजे: मैंने दो टोस्ट खाए."

"रात 9:00 से 12:20 तक: मैं आराम से सोया. इसके बाद मैंने पेशाब किया जिसमें ज़्यादातर मात्रा ख़ून की थी."
"26 सितंबर की सुबह 4:30 बजे: मैंने एक गिलास पानी पिया, जी मिचलाने की वजह से उल्टी की. जो कुछ नहीं पच पाया था, मेरे पेट से बाहर निकल गया. इसके बाद मैंने काफी बेहतर महसूस किया और सुबह साढ़े छह बजे तक सोया."

"सुबह साढ़े छह बजे: मेरे शरीर का तापमान 98.2 डिग्री सेल्सियस था. मैंने टोस्ट के साथ उबले अंडे, ऐपल सॉस, सेरिअल्स और कॉफ़ी पी. इसके बाद पेशाब नहीं आई. बल्कि हर तीन घंटे पर एक आउंस खून निकला. मुंह और नाक से ख़ून निकलना लगातार जारी रहा, लेकिन ज़्यादा मात्रा में नहीं."